बंदर और टोपीवाला कहानी – बच्चों के लिए मजेदार हिंदी नैतिक कथा
एक मजेदार और शिक्षाप्रद हिंदी नैतिक कथा, जहाँ एक टोपीवाला अपनी बुद्धिमानी से बंदरों से अपनी टोपियाँ वापस लेता है। बच्चों के लिए यह कहानी सिखाती है कि समझदारी ही असली ताकत है। 🐒 "बंदर और टोपीवाला" एक दिन एक टोपीवाला आदमी गाँव में टोपी बेचने निकल पड़ा। धूप बहुत तेज़ थी, इसलिए वह रास्ते में एक बड़े पेड़ के नीचे बैठकर आराम करने लगा। कुछ देर बाद वह गहरी नींद में सो गया। जब उसकी नींद खुली, तो उसने देखा— उसकी सारी टोपियाँ गायब! वह घबरा गया और चारों ओर ढूँढ़ने लगा। तभी उसने ऊपर पेड़ की ओर देखा— पेड़ पर कई सारे बंदर बैठे थे, और सबकी सिर पर उसकी टोपियाँ! बंदर मज़े से उछल-कूद कर रहे थे। टोपीवाला पहले तो डर गया, लेकिन फिर उसने सोचा— “बंदर इंसानों की नकल करते हैं।” उसने अपनी सिर की टोपी उतारी, और ज़ोर से नीचे ज़मीन पर फेंक दी। जैसा उसने सोचा था, वही हुआ— सारे बंदरों ने भी उसकी नकल करके अपनी-अपनी टोपियाँ नीचे फेंक दीं! टोपीवाला खुशी-खुशी सारी टोपियाँ इकट्ठा कर लिया और घर लौट गया। 🌼 सीख (Moral): गुस्सा नहीं, बल्कि बुद्धि, धैर्य और समझदारी से समस्या का समाधान किया ...