गोपाल भंडर की कहानी: आम के पेड़ की जड़ में बैठा कीड़ा और बुद्धिमत्ता की जीत
आम के पेड़ की जड़ से मिट्टी खोदते ही अचानक जड़ों के अंदर से कीड़ों की एक कतार निकल आती है। दीमक और चींटियाँ मिट्टी में छेद खोदकर चारों ओर फैल जाती हैं। गोपाल नाम का विदूषक पेड़ के पास खड़ा होकर उंगली से इशारा करता है, और राजा आश्चर्य से यह दृश्य देखता रहता है। आसपास के सभी लोग चौंक जाते हैं—इतने लंबे समय से पेड़ की जड़ में छिपा खतरा अब सबके सामने आ चुका है। 🏺 गोपाल भंड की एक कहानी 🏺 एक दिन नादिया के राजमहल में एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। राजा कृष्णचंद्र के बगीचे में लगे आम के पेड़ अचानक सूखने लगे। राजा बहुत चिंतित हो गए। बड़े-बड़े विद्वानों, तांत्रिकों, बागवानों—सभी को बुलाया गया। किसी ने कहा कि मिट्टी खराब है। किसी ने कहा कि हवा में बुरी ऊर्जा फैली हुई है। लेकिन कोई हल नहीं निकला। जब सब लोग असमंजस में थे, गोपाल भंड चुपचाप9 सब कुछ देख रहे थे। राजा ने पूछा, “गोपाल, क्या तुम्हें कुछ समझ आया?” गोपाल ने कहा, “महाराज, मैं थोड़ा नासमझ हूँ, लेकिन एक छोटा सा प्रयोग करने में क्या हर्ज है?” राजा मान गए। गोपाल ने आदेश दिया कि बगीचे के पास रखे बड़े-बड़े पानी के घड़ों को एक रात के लिए ...