दो दोस्तों और भालू की कहानी | Panchatantra Moral Story in Hindi
हरिहरपुर नाम का एक गाँव था। उस गाँव में दो बहुत घनिष्ठ मित्र रहते थे—राजेश और सुमित। वे दोनों उसी गाँव के रहने वाले थे। बचपन से ही वे साथ-साथ खेलते, स्कूल जाते, घूमने जाते और हर काम मिल-जुलकर करते थे। गाँव के सभी लोग उनकी दोस्ती की मिसाल दिया करते थे। एक दिन राजेश ने सुमित से कहा, “पास के गाँव में मेला लगा है, चलो हम दोनों उसे देखने चलते हैं।” मेला उनके गाँव से काफी दूर था, इसलिए वहाँ जाने के लिए उन्हें एक घने जंगल से होकर गुजरना पड़ता था। इसलिए वे बहुत सुबह यात्रा पर निकल पड़े। आसमान साफ था, पक्षी मधुर स्वर में गा रहे थे और चारों ओर हरियाली की सुंदरता फैली हुई थी। चलते-चलते वे तरह-तरह की बातें करने लगे। राजेश ने कहा, “दोस्त, हम हमेशा इसी तरह एक-दूसरे का साथ देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।” सुमित मुस्कुराकर बोला, “बिलकुल! सच्चा दोस्त कभी भी अपने मित्र को मुसीबत में छोड़कर नहीं भागता।” बातें करते-करते वे जंगल के भीतर गहराई तक पहुँच गए। जंगल बहुत डरावना था। बड़े-बड़े पेड़, झाड़ियाँ और अजीब-अजीब आवाज़ों से पूरा वातावरण रहस्यमय लग रहा था। बीच-बीच में जानवरों और पक्षियों ...